मंगलवार, 3 मार्च 2020

मेरा घाव तेरे घाव से गहरा है



painting : yvette swan

धरती बाँट दी 

बाँट दिए इंसान 
और फिर 
इंसानियत पर लगे 
घाव भी बाँट लिए 
वाह 
घाव बाँट लिए 
ग़म बाँट लिए 
शायद बचा था आँख का पानी 
काश 
बचा  होता 
ख़ून के दाग़ धोए जाते 
ज़ख्म भरे जाते 
गले मिल आते 
अफ़सोस 
इस बार तो  घाव 
इम्तेहान में बैठे थे 
अव्वल आना था उन्हें 
जिसके ज़्यादा गहरे थे 
सीना उतना ही तना हुआ था 
बखान में ज़ुबां भी 
सरपट दौड़ी जाती थी 
कैंप 
लग गया था 
इसे बनाने का बड़ा तजुर्बा है भाई 
अपनों को बेघर
हम पुश्तों से करते आ रहे थे 
मातम 
अभ्यस्त था 
ग़रीबी से पस्त था 
रसद और छत 
दोनों के इंतज़ार में था  
मिट्टी और आग 
में झोंक देने का चलन नया नहीं है 
नया है उसे भुनाने  का चलन 
उस पर इतराने का चलन 
कभी मिट्टी देना 
अग्नि देना 
सद्भावियों की पहचान थी 
सत्ता 
सियासत 
इन मौतों का 
मातम नहीं मनाती 
ये तमगे हैं जो गद्दारों को 
गोली मरने के बाद उसे 
हासिल हुए हैं। 

















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