Friday, February 27, 2015

.और अंत में क्या बचता है

.और   अंत में क्या बचता है
लकड़ी की आदिम कंघी
संग ए मरमर की नक्काशीदार प्लेट
टेराकोटा से बने कर्णफूल
चंद हसीन लम्हों से घिरे खत
हैंडमेड पेपर से बनी रंगीन डायरी के नीले लफ्ज़

बचा रहे मौला
जो ये बचा रहा
बचे रहेंगे
तेरे-मेरे  जज़्बात
सुर सौरभ और सपने
सच ज़िन्दगी और कुछ भी नहीं
सिर्फ तेरी मेरी कहानी है.…

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