कभी लिखा तुमको दुआ तो कभी ख़ुदा लिख डाला
समर्पण में छिपा है अध्यात्म।
फिर भी मैं हूँ काफ़िर तो वही सही .
हृदयस्पर्शी! हम वही रहते हैं जो हैं, लोग चाहे कैसी भी छवि बनायें! दुनिया खोने का डर नहीं मुझेमेरी फ़िक्र खुद के खोने की है।
इस ज़ज्बे को नमन!
Heart touching expression.
वाह...पवित्र पावन भावोद्गार...
praveenji, kishoreji, anuragji,vaaniji,aradhna, kavita and ranganaji bahut-bahut shukriya.
ranjanaji thanks.
Post a Comment
9 टिप्पणियाँ:
समर्पण में छिपा है अध्यात्म।
फिर भी मैं
हूँ काफ़िर तो
वही सही .
हृदयस्पर्शी! हम वही रहते हैं जो हैं, लोग चाहे कैसी भी छवि बनायें!
दुनिया खोने का डर नहीं मुझे
मेरी फ़िक्र खुद के खोने की है।
इस ज़ज्बे को नमन!
फिर भी मैं
हूँ काफ़िर तो
वही सही .
Heart touching expression.
वाह...पवित्र पावन भावोद्गार...
praveenji, kishoreji, anuragji,vaaniji,
aradhna, kavita
and ranganaji bahut-bahut shukriya.
ranjanaji thanks.
Post a Comment