गुरुवार, 11 अक्तूबर 2007

जय हो

मैंने भी ब्लॉग स्कूल मे दाखिला ले लिया है। कभी कभार मिला करेंगे।

5 टिप्‍पणियां:

TARUN SHARMA ने कहा…

logon to
www.ni-shabd.blogspot.com
see the world of silence.
tarunssssssssssss

cartoonist ABHISHEK ने कहा…

blog par aane ke liye
badhai...

cartoonist ABHISHEK ने कहा…

कभी- कभार क्यों...??

varsha ने कहा…

kyonki roz likhna mushkil he .rekhon ka khel nahin. sorry vaise agya ho to koi sateek kartoon lena chahoongee

cartoonist ABHISHEK ने कहा…

किताब में पढ़ लिया
और तुमने मान भी लिया
कि मीडिया सच का आईना है !

तुमने जिल्द पर शायद देखा नहीं
वो किताब तो पिछली सदी में लिखी गई थी
तब से अब तक में 'सच' न जाने कितनी पलटियां ले चुका
और तुम अभी भी यही मान रही हो
कि मीडिया सच को दिखाता है !

सुनो
नई परिभाषा ये है कि
मीडिया सच पर नहीं
टीआरपी पर टिका है

पर एक सच और है

मीडिया मजबूर है
और जो खुद मजबूर है
वो तुम्हें रास्ता क्या-कैसे दिखाए

हां, तुम ठीक कहती हो
हम-तुम दोनों मिलकर एक नए मीडिया की तलाश करते हैं
बोलो, मंगल पर चलें या प्लूटो पर
अब यह तो तुम ही तय करो
लेकिन सुनो
वक्त गुजारने के लिए
ये सपना अच्छा है न! (साभार: वर्तिका नंदा के ब्लॉग से )